टिस्को ( टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी )

 भारत का प्रथम स्टील प्रोजेक्ट 

  स्थपित - 1907 

 स्थान - साकची ( जमशेदपुर )

 स्थापितकर्ता-  जमशेदजी टाटा 

 नदी पर स्थापित - स्वर्णरेखा-खरकाई 

 पहली बार लोहे का उत्पादन - 1911 

 लोहे की प्राप्ति - नोवामुंडी ( पच्छिम सिंहभूम ) एवं गुरुमाहिसानी ( उड़ीसा )

 कोयले की प्राप्ति - झरिया माइंस से 

 जल की प्राप्ति - स्वर्णरेखा - खरकई नदी से 

 

 बोकारो इस्पात संयंत्र 

भारत का सबसे बड़ा लौह इस्पात 

 स्थापना - 1964

 स्थान - बोकारो ( झारखण्ड )

 पहली बार उत्पादन 1972

 लोहे की प्राप्ति -कोएंझार

 कोयला की प्राप्ति - झरिया माइंस से 

 इस संयंत्र की स्थापना तृतीय पंचवर्षीय योजना के दौरान रूस के सहयोग से किया गया |

 वर्तमान में यह संयंत्र SAIL के अधीन कार्यरत हे |

 

हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन HEC) - रांची 

 

इसकी स्थापना द्रितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान  रूस 

और चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से की गई |

स्थापना वर्ष - 1958 

पहली बार उत्पादन - 1963

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने 

HEC को भारत के आधुनिक उद्योगों का मंदिर कहा था |

 

झारखण्ड के अन्य प्रमुख 

उद्योग और फैक्ट्री

इंडियन एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (INDAL)मुरी

स्थापना वर्ष - 1938 

 

प्रथम सीमेंट उद्योग ( 1921)- जपला ( पलामू )

प्रथम   उर्वरक संयंत्र ( 1951) - सिंदरी ( धनबाद- दामोदर नदी की किनारे )

 

इंडियन एक्स्प्लोसिवे फैक्ट्री ( 5 नवम्बर , 1955)गोमिया ( बोकारो )

यह देश का सबसे बड़ा विस्पोटक कारखाना हे |

 

इंडो - असाही ग्लास फैक्ट्री ( कांच उद्योग ) - भरकुंडा ( रामगढ )

इसे जापान के सहयोग से स्थापित किया गया |

 

यूरेनियम प्रोसेसिंग प्लांट- घाटशिला 

हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड  - घाटशिला 

हिन्दुस्तान जिंक लिनितेड- धनबाद

एसियन रीफ्रैक्टरीज लिमिटेड - बोकारो 

पेनिसुलर लोकोमोटिव कंपनी ( 1921)- सिंहभूम 

बालको ( 1959 )- मूरी 

चाँदी साफ़ करने का कारखाना - तुंडू( धनबाद )

 

झारखण्ड में चार औधोगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार कार्यरत हे |

  • बोकारो औधोगिक क्षेत्र विकास  प्राधिकार ( बियाडा )
  • आदित्यपुर  औधोगिक क्षेत्र  विकास प्राधिकार ( आयडा )
  • रांची औधोगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार ( बियाडा )
  • संथाल औधोगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार ( बियाडा )

      Chat With Us

Join Our Telegram Group